जय प्रभु यीशु, जय अधिराज, जय प्रभु जय जय कारी।

 कोरसः जय प्रभु यीशु, जय अधिराज, जय प्रभु जय जय कारी।

1. पाप निमित्त दुःख लाज उठाई, प्राण दियो बलिहारी।

2. तीन दिना तब यीशु गोर में, तीजा दिवस निहारी।

3. प्रातः समय इतवार दिना में, श्राप निवास छारी।

4. भोर सवेरे घोर मरन का तोड़ा बन्धन भारी।

5. हार गयो शैतान निबल हो, पायो लाज अपारी।

6. सन्त पवित्र, तुरन्त सरग मो, मंगल सुर उच्चारी।

7. भास्कर जग प्रकाशक यीशु, आश्रित करूं निस्तारी। 

Comments

Popular posts from this blog

उपकार की भेंटें अपनी