अपनी कुव्वत जलाली अब भेज,

 1. ऐ खुदा कलवरी से एक लहर अब भेज

    अपनी दुल्हिन को साफ कर अभी

     फतह की कुव्वत दे, पूरी खुशी और तेज वायदे के लिए ठहरते सभी। 

कोरस: अपनी कुव्वत जलाली अब भेज 2 

    सब कमजोरों को तू फतहमन्द अब बना, अपनी कुव्वत जलाली अब भेज। 

2. हमको यीशु से और शिक्षा जीवन में दे

    खुशी से अपने मार्ग पर चला, 

    हर लड़ाई में जय पाने की ताकद दे,

    अपने प्यार और ईमान में बढ़ा ।

3. सुस्त और सर्द दिलों को रूह में बिल्कुल जगा, 

    दुनिया में जो उलझ गये है

    बारिश बरकत की हम पर आसमान से बरसा,

    क्रूस की तरफ हम सब देखते है। 

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