आ गया नूर-ए-जहां, आ गया मेरा खुदा।

 कोरसः आ गया नूर-ए-जहां, आ गया मेरा खुदा।

1. गगन भी आज झुम उठा, घरती भी आज नाम उठी

    वो देखो है रौशन जहां, है दिल की हर कली खिली। 

2. अब तुम भी झुम उठो, के येसु बालक आया है

    यह कैसा प्यारा खुदा का है चरनी में जो दिखाया है।

3. यह क्यूं न धरती नाचे आज? क्यूं न गगन झूमें आज?

    छाया है खुशी का समां अब ना आशीष बरसे आज?

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