जगमग दीप जले, आज हमारी आशाओं के शत-शत फूल खिले,
कोरसः जगमग दीप जले, आज हमारी आशाओं के शत-शत फूल खिले,
1. चारों तरफ़ चमका उजियारा, दूर हुआ अंधियारा
जीवन के आकाश में मेरे चमका एक सितारा,
युग-युग से उजड़ी बगिया में सुन्दर फूल खिले।
2. मन की लतायें लहराई है, कलियां मुस्काई हैं
दूतों के मीठे गीतों ने खुशियां बरसाई है,
शबनम पीने को कलियों के सुन्दर अधर खुले।
3. आये मसीहा घर में मेरे, सज गए सांझ सवेरे,
आज नजात मिली है मुझको, भाग जगे है मेरे
अंधियारे से उजियारे भी, देखो आज मिले।
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