कैसा अनोखा प्यार सारे जगत को दिया।
कैसा अनोखा प्यार सारे जगत को दिया।
पर तू ने, प्यारे मसीह, बदले में कुछ न लिया।।
1. खुद ही सहे सारे ग़म, ताके खुशी पाएं हम।
कैसी सही दुःख की मौत, जीवन हमें पर दिया।।
2. दुनिया के लोगों ने गर, पापी से नफ़रत करी।
तू ने उन्हें पर खुदा प्यार ही हमेशा किया।।
3. गाते है हम इसलिए तेरी सिताईश सदा।
अपना बहाकर लहू उद्धार सबका किया।।
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