हम्द ओ सना गयें सदा,

 कोरसः हम्द ओ सना गयें सदा, जिन्दा मसीह इब्न-ए-खुदा।

1. चरनी में आके जन्म लिया था, 

    स्वर्ग राज्य को छोड़ दिया था। 

    हिकमत और उलफ़त में बढ़ता गया था

    यूं उसने अपने को कामिल किया।

2. पापिन कारण दुःख था उठाया, 

    क्रूस पे अपना खून बहाया। 

    पापी जगत को उसने बचाया, 

    ईश्वर की मर्जी को पूरा किया।

3. नैया मेरी मझधार पड़ी है, 

    तुम से प्रभु जी आस बड़ी है। 

    चेलों की नैया पार करी है, 

    मेरी भी लेना जान बचा। 

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