प्रार्थना ही जीवन प्रार्थना की जय,
कोरसः प्रार्थना ही जीवन प्रार्थना की जय, जीने के लिए नियम यह है
प्रार्थना ही जीवन प्रार्थना की जय
जीने के लिए नियम ये है।
1. प्रार्थना के सुनने वाले प्रभु, प्रार्थना की चाहत हम में तू भर
प्रार्थना में सदा ठहरे रहें, प्रार्थना का गौरव पाते रहें।
2. उत्साह के और एकता के साथ, प्रतिज्ञाओं को हम पायेंगे
सच्चे विचारों पर अटल रहें, प्रार्थना के लिए कृपा दे तू।
3. सुबह की प्रार्थना करने हेतु, सारी रूकावटे कर दे तू दूर
दुर्बल शरीर पर जये पाने की, आत्मा उण्डेल कर अग्निमय कर।
4. आत्मा के बोझ और आंसुओं के साथ,
रात और दिन तेरे लोगों के साथ
प्रार्थना की सेवा करने हेतु, अनुग्रह हम पर प्रभु तू कर।
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